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छात्रों द्वारा आत्मदाह के प्रयासों की एक भयावह लहर, घटना 1990 मंडल आयोग विरोधी आंदोलन की
इस निर्णय के बाद देश के उच्च जाति के युवाओं और छात्रों में भारी असंतोष फैल गया। उन्हें लगा कि इससे सामान्य वर्ग के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर बेहद सीमित हो जाएंगे। देश भर (विशेषकर उत्तर भारत) के विश्वविद्यालयों में हड़ताल, चक्का जाम और प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसने आगे चलकर राजीव गोस्वामी के आत्मदाह प्रयास के बाद अत्यंत उग्र और हिंसक रूप ले लिया।