निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग और नक्सल मुक्त भारत (तथा ‘दिमागी नक्सल’ की बात) के अलावा पीएम मोदी ने लाल किले से कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ और लक्ष्य रखे। भाषण का मुख्य फोकस विकसित भारत 2047 और युवा शक्ति पर था।

1. युवा और शिक्षा (Youth & Education)

  • AI ट्रेनिंग: अगले 1 साल के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में ट्रेनिंग दी जाएगी।

  • निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग: प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत।

  • खेल प्रतिभा (Talent Hunt): 2036 ओलंपिक की तैयारी के तहत 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान चलेगा।

2. विकास का सात सूत्री रोडमैप: 'सप्तधारा' (Saptadhara Vision)

2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए 7 प्रमुख क्षेत्रों पर जोर:

  1. मैन्युफैक्चरिंग: डिज़ाइन से लेकर प्रोडक्शन तक ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बनना।

  2. कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण: भारतीय मसाले और मोटे अनाज (Millets) को वैश्विक ब्रांड बनाना।

  3. टेक्नोलॉजी व इनोवेशन: सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर में नेतृत्व।

  4. गति शक्ति: हाई-स्पीड रेल, शहरी कनेक्टिविटी और पोर्ट-आधारित विकास।

  5. रक्षा क्षमता: हाइपरसोनिक तकनीक, ड्रोन और रक्षा निर्यात में आत्मनिर्भरता।

  6. ग्रीन व ब्लू इकोनॉमी: ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और समुद्री संसाधनों का उपयोग।

  7. सॉफ्ट पावर: योग, वेलनेस, पर्यटन और कंटेंट/एंटरटेनमेंट इकोनॉमी को बढ़ावा देना।

3. ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा (Energy Security)

  • वर्ष 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर उत्पादन का लक्ष्य और 5 नए परमाणु रिएक्टर्स की स्थापना। सोलर एनर्जी क्षमता को बढ़ाकर 106 GW तक पहुँचाया गया।

4. आंतरिक सुरक्षा और रक्षा (Internal & Civil Security)

  • नक्सल मुक्त भारत: देश को पूरी तरह नक्सलवाद और माओवाद से मुक्त करने का संकल्प।

  • सिविल डिफेंस नेटवर्क: देश में एक मजबूत नागरिक सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।

  • स्वदेशी 'सुदर्शन चक्र' एयर डिफेंस सिस्टम पर तेजी से कार्य जारी।

5. आर्थिक और तकनीकी लक्ष्य (Economy & Global Ambitions)

  • बैंकिंग और फार्मा: भारत के कम से कम एक बैंक को दुनिया के टॉप 5 बैंकों में और भारतीय फार्मा कंपनियों को दुनिया की टॉप 5 में शामिल कराने का लक्ष्य।डिजिटल और रेलवे प्रगति: भारतीय रेल नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण पूरा किया गया। digital लेन-देन में 100 गुना वृद्धि दर्ज की गई।

  • महिला आरक्षण – सभी राजनीतिक दलों से अपील कि संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण लागू करें (परिसीमन से जोड़कर)।

  • वैश्विक लक्ष्य – 50 भारतीय कंपनियाँ फॉर्च्यून 500 में आएँ; भारतीय बैंक, फार्मा, टेक कंपनियाँ दुनिया की टॉप 5 में जगह बनाएँ।

  • पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियाँ – रक्षा उत्पादन लगभग 4 गुना, खादी-ग्रामोद्योग 5 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 7 गुना, रेलवे कोच 21 गुना, मोबाइल उत्पादन 33 गुना बढ़ा; 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले; डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े।

  • सिविल डिफेंस – मजबूत नागरिक सुरक्षा तंत्र बनाने पर जोर।

  • वंदे मातरम् – आजादी के बाद पहली बार लाल किले पर पूर्ण रूप से ‘वंदे मातरम्’ गूंजा (150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर)।

पीएम मोदी ने बार-बार दोहराया कि छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा और 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प पूरा करना है। युवाओं को विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी और ड्राइविंग फोर्स बताया।

PM narendra Modi on Independence Day parade

कुल मिलाकर

यह भाषण आकांक्षी और युवा-केंद्रित है। यह विकसित भारत की दिशा में एक रोडमैप पेश करने की कोशिश करता है और तकनीक-आत्मनिर्भरता पर जोर देता है। साथ ही, यह राजनीतिक संदेश भी देता है—सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करना और असहमति को नियंत्रित करने की कोशिश।

जो लोग विकास, तकनीक और राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देते हैं, उन्हें यह भाषण संतोषजनक लगा होगा। जो लोग रोजगार, संस्थागत सुधार और असहमति की जगह को ज्यादा महत्व देते हैं, वे इसे अधूरा या कुछ जगहों पर विभाजनकारी पाएंगे। 

प्रमुख नेताओं और सोशल मीडिया (X/Twitter) की प्रतिक्रियाएँ-

विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

  • जयराम रमेश (कांग्रेस): X पर लिखा कि पहले विपक्षियों को ‘अर्बन नक्सल’ कहा जाता था, अब ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है। यह हताशा का संकेत है। उन्होंने पीएम को “मास्टर अब्यूजर इन एंटायर पॉलिटिकल साइंस” कहा। महिला आरक्षण की अपील को “बेईमानी भरा” बताया।

  • अरविंद केजरीवाल (आप): भाषण में पीएम के एक फिसलन वाले क्लिप को शेयर कर उन्हें “अंडर-कॉन्फिडेंट, नर्वस और शेकी प्राइम मिनिस्टर” बताया।

  • मल्लिकार्जुन खरगे: कांग्रेस मुख्यालय पर ध्वजारोहण के बाद कहा कि देश के विकास का 90% हिस्सा कांग्रेस का है, और पीएम कांग्रेस के कामों का श्रेय ले रहे हैं। राहुल गांधी के साथ उन्होंने लाल किले का कार्यक्रम स्किप किया (प्रोटोकॉल/सीटिंग का हवाला)।

  • पी. चिदंबरम, सचिन पायलट और अन्य: ‘दिमागी नक्सल’ को असहमति को दबाने और विपक्ष को निशाना बनाने की कोशिश बताया। पायलट ने कहा कि युवा असंतोष से सरकार “रैटल्ड” है।

  • सीपीआई/सीपीआई(एम): असहमति को दबाने और विपक्ष को माओवादी मानसिकता का आरोप लगाने वाला बयान बताया।

विपक्ष ने कुल मिलाकर भाषण को राजनीतिक, असहमति को कलंकित करने वाला और कुछ जगहों पर अधूरा बताया।

सत्ता पक्ष (भाजपा) की प्रतिक्रिया

  • भाजपा आधिकारिक अकाउंट (@BJP4India): भाषण की तारीफ करते हुए नक्सलवाद में कमी (125+ जिलों से लगभग खत्म), गरीबी से 25 करोड़ लोगों के बाहर निकलने और अन्य उपलब्धियों के पोस्ट शेयर किए। सकारात्मक वीडियो और तुलनात्मक ग्राफिक्स पोस्ट किए।

अमित शाह: जम्मू-कश्मीर में तिरंगा यात्राओं और विकास की बात करते हुए मोदी सरकार की तारीफ की।भाजपा नेताओं ने राहुल-खरगे के लाल किले न आने को “बचकाना” और देशभक्ति की कमी बताया। कांग्रेस मुख्यालय पर वंदे मातरम् को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप हुआ।

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