प्रकाश राज कौन हैं?

प्रकाश राज (असली नाम प्रकाश राय) एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म 26 मार्च 1965 को बेंगलुरु (कर्नाटक) में हुआ था। वे मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय सिनेमा (तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम) में काम करते हैं, लेकिन हिंदी फिल्मों में भी नजर आए हैं। उन्होंने सिंघम, वांटेड जैसी फिल्मों में खलनायक के रोल किए हैं। उन्होंने कई नेशनल अवॉर्ड जीते हैं और थिएटर से शुरू करके बड़े अभिनेता बने। वे बहुभाषी हैं और कई भाषाओं में फिल्में करते हैं।

राजनीति में सक्रियता

प्रकाश राज स्वतंत्र (Independent) उम्मीदवार के रूप में राजनीति में आए। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बेंगलुरु सेंट्रल सीट से स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।

वे किसी भी बड़ी पार्टी से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने #JustAsking नाम से सोशल मीडिया पर एक आंदोलन शुरू किया। वे खुद को वामपंथी विचारधारा (Leftist ideology) वाला बताते हैं और अक्सर सामाजिक मुद्दों, लोकतंत्र और मानवाधिकार पर बोलते हैं।

intensive meeting with the Chief Minister and Home Minister of Karnataka,

मोदी विरोधी रुख और वामपंथी विचार

प्रकाश राज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की खुलकर आलोचना करते हैं। वे खुद को एंटी-मोदी कहते हैं, लेकिन एंटी-हिंदूहोने से इनकार करते हैं। उन्होंने कहा है कि "भाजपा पर सवाल करना हिंदू धर्म पर सवाल नहीं है।" वे मोदी सरकार को विभाजनकारी, झूठ बोलने वाली और युवाओं की समस्याओं पर ध्यान न देने वाली बताते हैं।

वे गौरी लंकेश (पत्रकार) की हत्या के बाद ज्यादा सक्रिय हुए। वे सांप्रदायिकता, बेरोजगारी, पेपर लीक और किसानों की समस्याओं पर सरकार की आलोचना करते रहते हैं।

विवादास्पद बयान (पहले और हाल के)

प्रकाश राज अपने साफ-सुथरे और तीखे बयानों के लिए मशहूर (और आलोचित) हैं:

  • पुराने विवाद: गौरी लंकेश हत्या पर मोदी की चुप्पी पर उन्होंने नेशनल अवॉर्ड लौटाने की धमकी दी थी। उन्होंने मोदी और अमित शाह को "हिंदू नहीं" कहा था (जिस पर काफी विवाद हुआ)।

  • हाल के विवाद (2025-2026):

    • NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन (Cockroach Janata Party) का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत किया और युवाओं को "मेरे प्यारे कॉकरोच" कहा।

    • मोदी पर तंज कसते हुए कविता "गिरो महाप्रभु... गिरते रहो" शेयर की।

    • मोदी के वीडियो पर "डर गया... मैं डर देख सकता हूं" लिखा।

    • आम खाकर मोदी का मजाक उड़ाया।

    • बॉलीवुड को चुप रहने पर "आधे बिक गए, आधे डर गए" कहा।

ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं और उनके समर्थकों के साथ-साथ आलोचकों को भी आकर्षित करते हैं। कई लोग उन्हें देशभक्त और साहसी कहते हैं, तो कई उन्हें "एंटी-नेशनल" या "विवाद बनाने वाला" कहते हैं।

निष्कर्ष

प्रकाश राज एक सफल अभिनेता से राजनीतिक आवाज बन चुके हैं। वे खुलकर सरकार की आलोचना करते हैं, युवाओं और आम लोगों के मुद्दे उठाते हैं। उनके समर्थक उन्हें सच्चा नागरिक मानते हैं, जबकि विरोधी उन्हें मोदी-विरोधी और विवादास्पद कहते हैं।

चाहे आप उन्हें पसंद करें या न करें, लेकिन वे अपनी बात बिना डरे कहते हैं। #JustAsking – बस यही उनका स्टाइल है।